चेहरा और आयना

 चेहरा और आयना

मानब समाज मे इंसान बिभिन्न प्रकार प्रगति के साथ साथ, मानब अपने दिमागी बिकाश बहुत अच्छे से कर लिया है। इसीलिए हमलोग देखते है कई लोग दिखाने के लिए कुछ और होते है बास्तब मे कुछ और होते है।

बिभिन्न प्रकार चरित्र society को बिभिन्न दिशा मे चलाने कि प्रयास करते है। कारण यही है समाज मे भ्रम कि स्थिति पैदा होते है। साधारण लोग ईस भ्रम कि स्थिति मे दिग्भ्रमित होते है। वह लोग सच और झूठ को समझने मे नाकाम रहते है। इसीलिए समाज मे दोगले लोगो कि एक प्रकार बढ़त होते है।

ईस amazing poetry मे चेहरा और आयना सच्चाई को दिखाने कि प्रयास करते है। कभी कभी हमलोग दिलसे तो सच्चा होते है लेकिन हमे कोई समझता नही है। या कभी कभी हमलोग दूसरे को सच्चाई बता नही पाते है। और कभी कभी हमलोगो को दूसरे को समझने मे गलती करते है। हमलोग  experience को अर्जन करके एक बेहतर समाज को निर्माण के लिए आगे बढ़ सकते है। जहाँपर सभी को समान अधिकार और समान ब्यबहार होगा।

चेहरा और आयना
ऐसा कोई आयना बना दे शकल ना नजर आए चरित्र दिख जाय,

कोई ऐसा आयना बन जाय जो हर चेहरे मे खूबसूरती नजर आए।

कोई ऐसा बन जाय जो दिल कि बात नजर आए

कोई ऐसा आयना बना दे हर चेहरे पे खुशियाँ नजर आए।

ऐसा कोई आयना ला दे जो सच को दिखा दे,

ऐसा कोई आयना बता दे जो बिगड़े बात बना दे।

ऐसा कोई आयना बना दे असली पता चल जाय,

ऐसा कोई आयना बना दे हर सूरत का सूरत नजर आए।

ऐसा कोई आयना ला दे चेहरे कि राज बता दे,

ऐसा कोई आयना ला दे बहुरुपीओ का रूप दिखा दे।

ऐसा कोई आयना बना दे अपराधी का चेहरा दिख जाय,

ऐसा कोई आयना बना दे भोली सी सूरत दिखा दे।

क्या ऐसा कोई आयना है जो से दोगले लोगो को दिखा दे,

आगे से एक बात पीछे से कुछ और बात करते है।

देखा है मैंने उस खूबसूरत चेहरे को जो मेरा दिल पे बैठ है,

है ऐसा कोई आयना है जो उसकी तस्बीर बना दे।

ऐसा कोई आयना है जो दिल का जखम को दिखा दे,

ऐसा कोई आयना है क्या जो खूबसूरत मन को दिखा दे।

देखा है मैंने हजारों खूबसूरत चेहरे को, हर खूबसूरत चेहरे का कीमत क्या?

किसीने सच कहा है आयना हमेशा सच कहता है।

दिनभर काम के बाद खुदको देखा है मैंने आयने मे,

वह तस्बीर कहता है तूने क्या क्या किया है दिन मे।


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