शब्द कि महत्व
मानब समाज जबसे सामाजिक तरीके से रहना सीखा तबसे मानब ने एक दूसरे के साथ बेहतर तरीके से बातचीत करने के लिए भाषा का बिकास हुआ। बिभिन्न मानब समाज अपने अपने तौर तरीके के अनुसार भाषाओ का बिकास किया है। बिशेषकर मानब द्वारा बोले गये आबाज को शब्द कहते है मानब द्वारा बोले गये शब्द मे मधुरता के साथ साथ कटु शब्द का भी निर्माण हुआ है।
कालांतर मे लोगो मे जब समझदारी आया, लोग बोले गये word को बिभिन्न तरीके से दूसरेको रिझाने या हेय करने मे अथवा बिभिन्न प्रचार करने के लिए व्यापक रूप से ब्यबहार कर रहे है। शब्द का सुन्दर तरीके से ब्यबहार करने से मधुर संगीत बनता है अथबा साहित्य अथवा सुन्दर कबिता का लेखन किया जाता है। और शब्द का सही प्रयोग से सामाजिक कलह को कम करने मे मे मदद करता है। बिभिन्न समय शब्द का गलत इस्तेमाल से बिभिन्न प्रकार सामाजिक दंगा हुआ है। इसीलिए शब्द का चयन और शब्द का सही प्रयोग के बारे मे हमे जानकारी होना जरुरी है।
शब्द का experience इंसान को ज्ञानी और बिद्वान बनाता है। शब्द का सुन्दर प्रयोग से बिभिन्न प्रकार कटुता को कम करके भाईचारा को बढ़ाने मे मदद करता है। यही कारण कई लोग शब्द का सुन्दर प्रयोग करके संसार मे अपना नाम कमाया। वह लोग महापुरुष के रूप मे प्रतिष्ठित हुए। इसीलिए हमलोग भी अमृत्यु तक शब्द का प्रयोग सीखते रहते है। मैंने ईस amazing poetry मे शब्द का ही प्रयोग के बारे मे बताने कि प्रयास किया है।
शब्द कि महत्व
शब्द अति सुन्दर है, शब्द मे होता है जान,
जो शब्द की कदर करते है, समाज मे बढ़ते है उनका मान।
शब्द जीबन की आधार है, शब्द है जीबन की प्रीत,
शब्द अति प्यारा है, शब्द है जीबन का प्रदीप।
शब्द का इज्जत करें जो जन, शब्द देता है उनको सम्मान,
शब्द मे है वह जान, शब्द होता है अभिमान।
शब्द का सुन्दर प्रयोग से एक से बढ़कर एक कलाकार बने,
शब्द का ही सुन्दर प्रयोग से बड़े बड़े महात्मा बने।
शब्द का ही सुन्दर प्रयोग से एक से बढ़कर एक शब्दकार बने,
शब्द का ही सुन्दर प्रयोग से मन मोहिनी संगीत बने।
शब्द का सुन्दर प्रयोग बड़े बड़े कबिओ ने किए है,
शब्द का सुन्दर प्रयोग से वह लोग सच का उजागर किए है।
शब्द का सुन्दर प्रयोग से न्यायतंत्र बने,
शब्द का ही सुन्दर प्रयोग से बिभिन्न धर्म का भित बने है।
शब्द का सुन्दर प्रयोग वकीलों ने खूब करते है,
तभी तो बेकसूर को कसूरबार और निरापराध जेल जाते है।
शब्द का सुन्दर प्रयोग भाईचारा को बढ़ाते है,
शब्द का सही प्रयोग सामाजिक कलह को मिटाते है।
शब्द का सुन्दर प्रयोग से इंसान बीर बहादुर बन जाते है,
और जिनके अंदर शब्द का अधिक ज्ञान होता है वह ज्ञानि, बिद्वान बन जाते है।
राजनैतिक नेताओं ने अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए शब्द का प्रपंच रचते है,
शब्द मे वह ताकत है लोगो ने तरह तरह भ्रमजाल बनाते है।
शब्द मे वह ज्ञान है जो दूसरे का मन जितने के लिए करते है,
शब्द वह भगवान का उपहार है हमें ऊंचा आसन देता है।
शब्द का दूरप्रयोग से बाद बिबाद होता है,
इसलिए हमलोग शब्द का प्रयोग आमृत्यु तक सीखते है
