जिंदगी का मायने

 जिंदगी का मायने

मानब सामाजिक प्राणी होकर इसका मोरल वैल्यू और महत्व बहुत जायदा होता है। मानब और दूसरे प्राणी से बिलकुल अलग होकर एक अलग सत्ता बनाये है। Human society को बिभिन्न बाधा बिपत्ति को पछाड़कर आगे बढ़कर इसका महत्व को प्रतिष्ठा करना पड़ता है। मानब को आगे बढ़ते समय बिभिन्न कारणवश  मनुष्य अपने महत्व को भूल जाता है। इसीलिए समाज मे बिभिन्न प्रकार बाद बिबाद या कलह होते रहते है। एक बेहतरीन समाज बनाने के लिए, मानबीय मूल्य को प्राथमिकता देना पड़ता है।

इन मानबीय मूल्य को जानने और समझने कि आवश्यकता है और इन मानबीय मूल्य को अपने जीबन मे अपनाकर एक बेहतरीन इंसान के रूपमे हम सभी प्रतिष्ठा करने कि प्रयास करना चाहिए। मानब जीबन का मायने को समझने के लिए हमे अथक प्रयास करना चाहिए। आज हमलोग देखते है समाज मे इंसान humanity को भुलाकर बिबीध अपराध और असामाजिक काम मे लिप्त हो रहे है। वही लोग समाज को गलत दिशा पे चलाने कि प्रयास कर रहे है। नतीजा ये आ रहा है लोग बहुत बड़ी संख्या मे दिग्भ्रमित होकर समाज मे बुराई को बढ़ाबा दे रहे है।

और ईस बुराई को बढ़ाबा देने कि कारण हमारा भबिष्यत पीढ़ी खतरे मे पड़ रहा है जो हमारे लिए अच्छा संकेत नही है। मानब समाज को मजबूती से आगे ले जाने के लिए मानबीय मूल्य को बढ़ाबा देना होगा और experience को प्राथमिकता देनी होंगी।


जिंदगी का मायने
जिंदगी मायने नही रखता उन लोगो मे जिन्होंने जीबन का उद्देश्य को नही जाना।

जिंदगी मायने नही रखता जिनके पास कुछ नही होता।

जिंदगी मायने नही रखता जिनके हौसला नही होता।

जिंदगी मायने नही रखता जिनके उद्देश्य सच्चा नही होता।

जिंदगी मायने नही रखता जो सच के लिए खड़े नही होता।

जिंदगी मायने नही रखता जिनके तजुर्बा नही होता।

जिंदगी मायने नही रखता जो किसीका मुश्किल मे खड़े नही होता।

जिंदगी मायने नही रखता जो आसानी से हार जाता।

जिंदगी मायने नही रखता जिनके इज्जत नही होता।

जिंदगी मायने नही रखता उनके लिए जो दोगले होता है।

जिंदगी मायने नही रखता उनलोगो मे जो दिलसे सच्चा नही होता।

जिंदगी मायने नही रखता उनलोगो मे जो अपराधी मानसिकता के होता।

जिंदगी मायने नही रखता उनलोगो मे जो हमेशा बकबाद मे बिताता।

जिंदगी मायने नही रखता उनके पास जो हीन मानसिकता के होता।

जिंदगी क्या मायने रखता है जो मज़बूरी जी रहे है।

जिंदगी का क्या महत्व है कितनो ने समझा है?

जिंदगी का क्या मायने जो स्वभाब से क्रूर हो।

जिंदगी का क्या मायने जो स्वाभिमानी ना हो।

जिंदगी जीने का खुलकर हसनेका कुछ मजा है,

जिंदगी वही जीते है जिनके तजुर्बा होता है।

खुद्दारी जिंदगी जीना सबको पसंद है।

और ऐसा जिंदगी जीना कोई लाखो मे एक है।

जिंदगी का क्या मायने जिनके पास सबकुछ है। जिंदगी को क्या जाना है जो कभी सेबा मे ना हाथ  बाटे है।



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